संस्था का परिचय
आर्य वैदिक सभा, प्रयागराज वर्ष 2020 से समाज सेवा, वैदिक परंपराओं के संरक्षण एवं सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर कार्यरत है। सभा द्वारा प्रामाणिक वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संस्कारों का आयोजन किया जाता है तथा समाज में सरल, पवित्र और संस्कारपूर्ण वैवाहिक व्यवस्था को प्रोत्साहित किया जाता है। संस्था का विधिवत पंजीकरण वर्ष 2024 में संपन्न हुआ, जबकि इसके सामाजिक एवं धार्मिक कार्य वर्ष 2020 से निरंतर संचालित होते आ रहे हैं।
हमारा उद्देश्य
सभा का मुख्य उद्देश्य वैदिक संस्कारों, भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों तथा पारिवारिक आदर्शों का प्रचार-प्रसार करना है। विवाह संस्कार के साथ-साथ संस्था समाज में सत्य, समानता, सदाचार, शिक्षा, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करने के लिए भी कार्य करती है। सभी कार्यक्रमों और गतिविधियों का संचालन पारदर्शिता, अनुशासन और वैदिक सिद्धांतों के अनुरूप किया जाता है।
हमारी प्रेरणा
महर्षि दयानंद सरस्वती की शिक्षाओं से प्रेरित होकर आर्य वैदिक सभा अंधविश्वास, सामाजिक कुरीतियों और भेदभाव से मुक्त, शिक्षित, जागरूक एवं मूल्य-आधारित समाज के निर्माण हेतु समर्पित है। सभा का प्रयास है कि प्रत्येक व्यक्ति वैदिक ज्ञान, नैतिक आचरण और मानव सेवा की भावना से जुड़कर समाज एवं राष्ट्र के विकास में सकारात्मक योगदान दे।